शुक्रवार, 23 सितंबर 2011

बेटी बचाओ..........



दो सहेलियाँ वर्षों बाद मिलीं. औपचारिक कुशल क्षेम के बाद
'कितने बच्चे हैं तुम्हारे ? ' एक ने दूसरी से पूछा.
'दो बेटियाँ हैं ' दूसरी ने कहा.
'हे भगवान, इस जमाने में दो बेटियाँ. मेरे तो दो बेटे हैं.
मुझे भी दो बार पता चला था गर्भ में बेटी है,
मैंने तो छुटकारा पा लिया. अब देखो कितनी निश्चिन्त हूँ.'
पहली ने कहा.
'काश, तीस वर्ष पहले तेरी मम्मी ने भी तेरे जन्म से पहले ऐसा किया होता
तब आज तू दो हत्याओं की दोषी न होती. तेरी मम्मी को एक ही ह्त्या का पाप लगता'


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