रविवार, 17 जून 2018

हमने.....


हमने उन यादों को संभाल के रखा है,
जो हमारे जीने का सहारा हुवा करते थे

बुधवार, 6 जून 2018

बद्दुआ.....

आज बद्दुआ देखकर वह मुझे छोड़ गई
अब अकेले रहना यह कह कर छोड़ गई

मंगलवार, 5 जून 2018

पर्यावरण दिवस पर....

5 जून पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.....

         मेरा जन्म महाराष्ट्र की एक विशाल हरी भरी नर्सरी में हुआ। इस नर्सरी का माली मेरी बहुत खुशामद करता था।सुबह शाम पानी देना जब आवश्यक हो जैविक खाद देशी खाद का पोषण मिलता था। शेशवस्था में भरपूर पोषण मिलने से में काफी तंदुरुस्त हो चुका था। समय तेजी से गुजरने लगा कि अचानक जीवन मे ऐसा तूफान आया कि में और मेरे जैसे करोड़ों पौधों को नाशिक की संस्थाओं ने ख़रीद लिया और 5 जुलाई 2015 को माँ गोदावरी के अंचल में बसे नाशिक जिलों में सभी जगह भेजे गए। और यही वो तारीख थी कि सांसद, विधायक, नगरसेवक बहुत सारी संस्था के पदाधिकारियों ने एक साथ मिलकर 12 घण्टे में पौधे लगाने का  एक नया रिकार्ड तो बना लिया पर मुझे और मेरे करोड़ों भाइयों को लावारिस कर दिया। हम लोगों की देखभाल की कोई विशेष योजना न होना और प्रदेश में व्याप्त जल संकट से मेरे लाखों भाई दम तोड़ चुके हैं और बाकी कुछ को छोड़कर जो किसी खास नेता मंत्री द्वारा स्थापित किये गये थे अंतिम सांसे गिन रहे हैं।मानसून आने में काफी समय है हो सकता है ये मेरी आत्मकथा कब मेरी अंतिम कथा बन जाये इसलिए हो सके तो आप सब खुद ही मेरे भाई बहनों को बचाना जिससे आपकी आने वाली पीढ़ी का जीवन मंगलमय हो।

जय हिंद जय भारत।

( पेड़ लगाने के पश्चात 2 वर्ष तक देखभाल की जिम्मेदारी भी लें। श्री विश्वकर्मा चैरिटेबल ट्रस्ट के तरफ से लगाये गए सभी वृक्षों की देखभाल हर हप्ते किया जाता है। )

शनिवार, 12 मई 2018

परोपकार.....

एक आदमी ने दुकानदार से पूछा - केले और सेब क्या भाव लगाऐ हैं ? केले 20 रु.दर्जन और सेब 100 रु. किलो । उसी समय एक गरीब सी औरत दुकान में आयी और बोली मुझे एक किलो सेब और एक दर्जन केले चाहिये - क्या भाव है भैया ? दुकानदार: केले 5 रु दर्जन और सेब 25 रु किलो। औरत ने कहा जल्दी से दे दीजिये । दुकान में पहले से मौजूद ग्राहक ने खा जाने वाली निगाहों से घूरकर दुकानदार को देखा । इससे पहले कि वो कुछ कहता - दुकानदार ने ग्राहक को इशारा करते हुये थोड़ा सा इंतजार करने को कहा।

औरत खुशी खुशी खरीदारी करके दुकान से निकलते हुये बड़बड़ाई - हे भगवान  तेरा लाख- लाख शुक्र है , मेरे बच्चे फलों को खाकर बहुत खुश होंगे । औरत के जाने के बाद दुकानदार ने पहले से मौजूद ग्राहक की तरफ देखते हुये कहा : ईश्वर गवाह है भाई साहब ! मैंने आपको कोई धोखा देने की कोशिश नहीं की यह विधवा महिला है जो चार अनाथ बच्चों की मां है । किसी से भी किसी तरह की मदद लेने को तैयार नहीं है। मैंने कई बार कोशिश की है और हर बार नाकामी मिली है।तब मुझे यही तरीकीब सूझी है कि जब कभी ये आए तो  मै उसे कम से कम दाम लगाकर चीज़े दे दूँ। मैं यह चाहता हूँ कि उसका भरम बना रहे और उसे लगे कि वह किसी की मोहताज नहीं है। मैं इस तरह भगवान के बन्दों की पूजा कर लेता हूँ ।

थोड़ा रूक कर दुकानदार बोला : यह औरत हफ्ते में एक बार आती है। भगवान गवाह है जिस दिन यह आ जाती है उस दिन मेरी बिक्री बढ़ जाती है और उस दिन परमात्मा मुझपर मेहरबान होजाता है । ग्राहक की आंखों में आंसू आ गए, उसने आगे बढकर दुकानदार को गले लगा लिया और बिना किसी शिकायत के अपना सौदा खरीदकर खुशी खुशी चला गया ।

कहानी का मर्म  :-

खुशी अगर बांटना चाहो तो तरीका भी मिल जाता है l

सोमवार, 30 अप्रैल 2018

वक्त को बढ़ते देखा…

कभी-कभी मुझे ऐसा लगता है जरुरत की सभी चीजें हमारी उम्र के हिसाब से शुरू होती चली गईं, हमने सिर्फ १९वी सदी को २०वीं सदी में बदलते ही नहीं देखा है बल्कि इस समय में होने वाले बदलावों को खुले दिल से अपनाया भी है....

हमारा सफ़र टीवी के एकमात्र चैनल डीडी १ से शुरू होकर आज डिश टीवी के ५०० चैनलों तक पंहुचा है,......
अपट्रान की ब्लैक एन्ड व्हाईट टीवी का सफ़र आज स्मार्ट टीवी तक पहुच गया है .....
मोबाइल में नोकिया ११०० से शुरू होकर आज एक से बढ़कर एक स्मार्टफोन्स तक पहुच गया है, .......
क्रिकेट मैच राहुल द्रविड़ की टेस्ट पारी से शुरू होकर युवी के १२ गेंद में हाफसेंचुरी तक पहुँच गयी है, .....
हमने टेप वाले कैसेट से लेकर वी सी आर, वाकमैन, सीडी, डीवीडी , पेन ड्राईव से होते हुए मेमोरी कार्ड का सफ़र तय किया है ....

कुल मिलाकर कहने का मतलब है कि हमने वक्त को बदलते हुए देखा … वक्त को बढ़ते देखा… वक्त को खुद के साथ जवान होते देखा और सिर्फ देखा ही नहीं है बल्कि दिल खोलकर जीया है ...!!

शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018

बन्द कर दो डाकखाने....

बन्द कर दो  डाकखाने

अब चिट्ठी नही आती

किसी के हाथ की खुश्बू

स्याही में नहीं आती

ख्वाबों और खयालों की

अब बारिश नही होती

संग जीने और मरने की

वो कसमे अब नही होती

भींगे लफ्ज की सिहरन

दिलों में अब नही होती

पन्नो में तड़फते अश्क़ की

अब बूंदें नहीं गिरती

वो मिलने की बिछड़ने की

तारीखें तय नही होती

गली में डाकिया आने की

अब खबरें नही होती

मैंने.....

एक ही दिन में कैसे पढ़ लोगे तुम मुझे......

मैंने ख़ुद को लिखने में ही कई साल लगायें हैं.....

निशब्द.....

कभी ख़ामोशी बोल गई,
  कभी शब्द नि:शब्द कर गए,

कभी कोई बात चुभ गई,
  कभी बात न होना चुभ गया!

गुरुवार, 8 मार्च 2018

अपने...

जीत लेते हैं हम मुहब्बत से गैरों का भी दिल
पर ये हुनर जाने क्यूँ अपनो पर चलता ही नहीं

शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2018

रेड_ब्रिगेड...

रेड_ब्रिगेड


यातायात सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव सौहार्द को बनाये रखने के लिए श्री रविंद्र सिंघल जी (पुलिस कमिश्नर नाशिक) द्वारा "नाशिक मैराथन" का आयोजन १८ फ़रवरी २०१८ को नाशिक में किया गया। 
इस अवसर पर नाशिक जिले के साथ साथ महाराष्ट्र के अन्य जिलों से हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। इस मौजूदगी में कई बड़ी बड़ी संस्थाओं के साथ साथ विद्यार्थी, युवक-युवति, महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग, दिव्यांग उपस्थित रहे तथा इस कार्यक्रम के सभी आयोजकों के साथ सभी दौड़ में भाग सहभागी होकर नाशिक मैराथन को सफल बनाया।

नाशिक मैराथन में श्री विश्वकर्मा चैरिटेबल ट्रस्ट - रेड ब्रिगेड का यह प्रथम वर्ष था लेकिन मुंबई मैराथन की ही भांति नाशिक की टीम पुरे जोश और पूरी तैयारी के साथ सुबह ४ बजे से ही कार्यक्रम स्थल पर मैजूद थी। यातायात सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव सौहार्द को बनाये रखने के लिए आयोजकों ने अलग अलग थीम (उद्देश्य से सम्बंधित विषय) रखा हुआ था। रेड ब्रिगेड नाशिक ने वाहतूक विभाग और आम जनता के बीच के सौहार्द को बनाये रखने के लिए वाहतूक से सम्बंधित विषयों को अपना थीम बनाया और उन विषयों को आम जनता तक पहुँचाने के लिए ३ किलोमीटर की थीम मैराथन में सहभागी भी हुए। नाशिक मैराथन की समाप्ति के साथ संस्था सफलता की एक और सीढ़ी चढ़ गयी तथा भविष्य में यातायात सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव सौहार्द को बनाये रखने का निर्णय और भी दृढ हुआ।






नाशिक मैराथन को सफल बनाने के लिए नाशिक से श्याम विश्वकर्मा, अशोक विश्वकर्मा, अरविन्द विश्वकर्मा, नंदकिशोर विश्वकर्मा, सुभाष विश्वकर्मा, प्रदीप विश्वकर्मा, राजेंद्र विश्वकर्मा, राजेंद्र भालेराव, प्रवीण शर्मा, राम वर्मा; मुंबई से रवि विश्वकर्मा, अनिल विश्वकर्मा, नन्दलाल विश्वकर्मा तथा स्थानीय चर्चित समाजसेवक श्री प्रकाश चौहान जी के साथ नाशिक की पूरी टीम मौजूद थी।





इस कार्यक्रम में सहभागिता के लिए रेड ब्रिगेड की पूरी टीम श्री रविंद्र सिंघल जी (पुलिस कमिश्नर नाशिक) का आभार व्यक्त करती है और उन्हें सहृदय धन्यवाद देती है कि, उन्होंने रेड ब्रिगेड नाशिक को इस कार्यक्रम में एक अच्छी उपस्थिति के साथ एक अच्छी प्रस्तुति का मौका दिया। साथ ही उन्होंने निरतंर ऐसे कार्यक्रमों में रेड ब्रिगेड के उपस्थिति की कामना करते हुए आशीर्वाद भी दिया।
#रेड_ब्रिगेड #Red_Brigade #Nashik_Marathon















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