मंगलवार, 16 दिसंबर 2014

में बचपन जीना चाहता हूँ........

मै उसी बचपन को नीत खोजा करता हूँ......
जिसको छोड़ आया गाँव की गलियों मैं.......
जीसे भूल आये अपने घर के अमरूद के पेड पर.......
जीसे छोड़ आया  मैं अपने ही दोस्तों केबीच में......
मैं अपने उस बचपन को अब भी खोजा करता हूँ........
भाग दौड़ भरी जिंदगी में बचपन जीना चाहता हूँ........
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