रविवार, 28 अप्रैल 2013

सच बोलने में अब मजा नहीं है................

क्या बात है यारों
अब मैं भी भूलने लगा हूँ.......
भूलते भूलते ही सही
कुछ तो याद आने लगा है
......................................
यादों  में भी अब दर्द होता है
भूलने में भी यादे होती है
सच बोलने में अब मजा नहीं है
अब तो झूठ में ही मजा आने लगा है......
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