रविवार, 18 दिसंबर 2016

वाह मोदी जी वाह.....



वाह मोदी जी वाह क्या गजब का खेल खेले हो

😁
कांग्रेसी खुद ही अपना गुनाह कबूल रहे,
जो कांग्रेसी चिल्ला चिल्ला कर बोलते आ रहे थे कि कांग्रेस ने देश का खूब विकास किया है।
अब वो खुद अपनी विकास की मार्कशीट दिखा रहे, कैशलेस इकॉनॉमी के विरोध के में क्या-क्या बोल रहे।

विषय 1- गरीबी: देश की 50% जनता गरीब हे उनके पास खाते नही ? (मनमोहन सिंह)
विषय 2 - शिक्षा: देश की 60% जनता अनपढ़ है ऑनलाइन पेमेंट कैसे करेगी ? (राहुल गाँधी)
विषय 3 - बेरोजगारी: जिस देश में रोजगार ही नही वो कैशलेस कैसे हो सकता है ? (अय्यर)
विषय 4 - बिजली: देश के 50% गावों में आज भी बिजली नही और मोदीजी कैशलेस इकॉनॉमी की बात कर रहे ? (पी चिदम्बरम)
विषय 5 - सुरक्षा: जिस देश में संडास का डिब्बा भी बांधकर रखना पड़ता हे वहा ऑनलाइन पेमेंट सुरक्षित नही ?
कांग्रेसी विरोध के चक्कर में गलती से अपनी मार्कशीट दिखा बैठे।

शनिवार, 17 दिसंबर 2016

दोस्त पुराने नही आते.....

उठ जाता हूं..भोर से पहले..सपने सुहाने नही आते..
अब मुझे स्कूल न जाने वाले..बहाने बनाने नही आते..


कभी पा लेते थे..घर से निकलते ही..मंजिल को..
अब मीलों सफर करके भी...ठिकाने नही आते..


मुंह चिढाती है..खाली जेब..महीने के आखिर में..
अब बचपन की तरह..गुल्लक में पैसे बचाने नही आते..


यूं तो रखते हैं..बहुत से लोग..पलको पर मुझे..
मगर बेमतलब बचपन की तरह गोदी में उठाने नही आते..


माना कि..जिम्मेदारियों की..बेड़ियों में जकड़ा हूं..
क्यूं बचपन की तरह छुड़वाने..वो दोस्त पुराने नही आते..


बहला रहा हूं  बस दिल को बच्चों की तरह..
मैं जानता हूं..फिर वापस बीते हुए जमाने नही आते..

जीवन अपना है जी लो......

एक सच्चाई जीवन की.....

जीवन के 20 साल हवा की तरह उड़ गए । फिर शुरू हुई नोकरी की खोज । ये नहीं वो , दूर नहीं पास । ऐसा करते करते 2 .. 3 नोकरियाँ छोड़ने एक तय हुई। थोड़ी स्थिरता की शुरुआत हुई।

फिर हाथ आया पहली तनख्वाह का चेक। वह बैंक में जमा हुआ और शुरू हुआ अकाउंट में जमा होने वाले शून्यों का अंतहीन खेल। 2- 3 वर्ष और निकल गए। बैंक में थोड़े और शून्य बढ़ गए। उम्र 27 हो गयी।

और फिर विवाह हो गया। जीवन की राम कहानी शुरू हो गयी। शुरू के 2 ..  4 साल नर्म , गुलाबी, रसीले , सपनीले गुजरे । हाथो में हाथ डालकर घूमना फिरना, रंग बिरंगे सपने। पर ये दिन जल्दी ही उड़ गए।

और फिर बच्चे के आने ही आहट हुई। वर्ष भर में पालना झूलने लगा। अब सारा ध्यान बच्चे पर केन्द्रित हो गया। उठना - बैठना, खाना - पीना, लाड - दुलार ।

समय कैसे फटाफट निकल गया, पता ही नहीं चला।
इस बीच कब मेरा हाथ उसके हाथ से निकल गया, बाते- करना घूमना - फिरना कब बंद हो गया दोनों को पता ही न चला।

बच्चा बड़ा होता गया। वो बच्चे में व्यस्त हो गयी, मैं अपने काम में । घर और गाडी की क़िस्त, बच्चे की जिम्मेदारी, शिक्षा और भविष्य की सुविधा और साथ ही बैंक में शुन्य बढाने की चिंता। उसने भी अपने आप काम में पूरी तरह झोंक दिया और मेने भी.... 

इतने में मैं 37 का हो गया। घर, गाडी, बैंक में शुन्य, परिवार सब है फिर भी कुछ कमी है ? पर वो है क्या समझ नहीं आया। उसकी चिड चिड बढती गयी, मैं उदासीन होने लगा।

इस बीच दिन बीतते गए। समय गुजरता गया। बच्चा बड़ा होता गया। उसका खुद का संसार तैयार होता गया। कब 10वि   anniversaryआई और चली गयी पता ही नहीं चला। तब तक दोनों ही 40 42 के हो गए। बैंक में शुन्य बढ़ता ही गया।

एक नितांत एकांत क्षण में मुझे वो गुजरे दिन याद आये और मौका देख कर उस से कहा " अरे जरा यहाँ आओ, पास बैठो। चलो हाथ में हाथ डालकर कही घूम के आते हैं।"

उसने अजीब नजरो से मुझे देखा और कहा कि " तुम्हे कुछ भी सूझता है यहाँ ढेर सारा काम पड़ा है तुम्हे बातो की सूझ रही है।"
कमर में पल्लू खोंस वो निकल गयी।

तो फिर आया पैंतालिसवा साल, आँखों पर चश्मा लग गया, बाल काला रंग छोड़ने लगे, दिमाग में कुछ उलझने शुरू हो गयी।

बेटा उधर कॉलेज में था, इधर बैंक में शुन्य बढ़ रहे थे। देखते ही देखते उसका कॉलेज ख़त्म। वह अपने पैरो पे खड़ा हो गया। उसके पंख फूटे और उड़ गया परदेश।

उसके बालो का काला रंग भी उड़ने लगा। कभी कभी दिमाग साथ छोड़ने लगा। उसे *चश्मा* भी लग गया। मैं खुद बुढा हो गया। वो भी उमरदराज लगने लगी।

दोनों 55 से 60 की और बढ़ने लगे। बैंक के शून्यों की कोई खबर नहीं। बाहर आने जाने के कार्यक्रम बंद होने लगे।

अब तो गोली दवाइयों के दिन और समय निश्चित होने लगे। बच्चे बड़े होंगे तब हम साथ रहेंगे सोच कर लिया गया घर अब बोझ लगने लगा। बच्चे कब वापिस आयेंगे यही सोचते सोचते बाकी के दिन गुजरने लगे।

एक दिन यूँ ही सोफे पे बेठा ठंडी हवा का आनंद ले रहा था। वो दिया बाती कर रही थी। तभी फोन की घंटी बजी। लपक के फोन उठाया। दूसरी तरफ बेटा था। जिसने कहा कि उसने शादी कर ली और अब परदेश में ही रहेगा।

उसने ये भी कहा कि पिताजी आपके बैंक के शून्यों को किसी वृद्धाश्रम में दे देना। और आप भी वही रह लेना। कुछ और ओपचारिक बाते कह कर बेटे ने फोन रख दिया।

मैं पुन: सोफे पर आकर बेठ गया। उसकी भी पूजा ख़त्म होने को आई थी। मैंने उसे आवाज दी "चलो आज फिर हाथो में हाथ लेके बात करते हैं"
वो तुरंत बोली " अभी आई"।

मुझे विश्वास नहीं हुआ। चेहरा ख़ुशी से चमक उठा। आँखे भर आई। आँखों से आंसू गिरने लगे और गाल भीग गए । अचानक आँखों की चमक फीकी पड़ गयी और मैं निस्तेज हो गया। हमेशा के लिए !!

उसने शेष पूजा की और मेरे पास आके बैठ गयी " बोलो क्या बोल रहे थे?"

लेकिन मेने कुछ नहीं कहा। उसने मेरे शरीर को छू कर देखा। शरीर बिलकुल ठंडा पड गया था। मैं उसकी और एकटक देख रहा था।

क्षण भर को वो शून्य हो गयी।
" क्या करू? "

उसे कुछ समझ में नहीं आया। लेकिन एक दो मिनट में ही वो चेतन्य हो गयी। धीरे से उठी पूजा घर में गयी। एक अगरबत्ती की। इश्वर को प्रणाम किया। और फिर से आके सोफे पे बैठ गयी।

मेरा ठंडा हाथ अपने हाथो में लिया और बोली
" चलो कहाँ घुमने चलना है तुम्हे ? क्या बातें करनी हैं तुम्हे?" बोलो !!

ऐसा कहते हुए उसकी आँखे भर आई !!......
वो एकटक मुझे देखती रही। आँखों से अश्रु धारा बह निकली। मेरा सर उसके कंधो पर गिर गया। ठंडी हवा का झोंका अब भी चल रहा था।

क्या ये ही जिन्दगी है ? ?

सब अपना नसीब साथ लेके आते हैं इसलिए कुछ समय अपने लिए भी निकालो । जीवन अपना है तो जीने के तरीके भी अपने रखो। शुरुआत आज से करो। क्यूंकि कल कभी नहीं आएगा । 

मंगलवार, 4 अक्टूबर 2016

चाइनिस वस्तुओं का बहिष्कार करें......

अगर आप देश से सच्चा प्रेम करते हैं तो इन कामों का करना तुरन्त बन्द कर दीजिये आप का यही योग्दान बहुत महत्वशाली होगाः-
1. चीन में बनाया गया सामान किसी भी परिस्थिति में मत खरीदें। सरकार को उस पर पाबन्दी लगाने में कई अन्तरराष्ट्रीय मजबूरियां हो सकती हैं मगर आप को कोई मजबूरी नहीं।

2. सलमानखां, शारूख खां, आमिर खां, सैफ अली खां, आलिया भट्ट, महेश भट्ट, करण जौहर, यश चोपडा, अनुराग कश्यप और इन के इलावा जो भी कलाकार, प्रोड्यूसर डायरेक्टर पाकिस्तानी कलाकारों का समर्थन करते हैं, देश द्रोहियों की तरह विचार रखते हैं उन की फिल्में या उन के शो देखना ऐक दम बन्द कर दें।

3. यही ऐक्टर और कलाकार जिन पदार्थों की ऐडवर्टाईजमेंट करते हैं उन वस्तुओं को इस्तेमान करना ही छोड दें उन के दूसरे विकल्प भी मिल जायें गे।

4. जो चैनल पाकिस्तान, चीन, इस्लामी कट्टरपंथी, या वाम पंथी हैं वह देश द्रोहियों के साथी हैं उन का बहिष्कार आप स्वयं कर सकते हैं।

5. अगर किसी व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि पर आप को जरा भी शक होता है तो उस की सूचना 100 नम्बर पर पुलिस को अवश्य दे दें। अगर सूचना शत प्रतिशत सही नहीं भी है तो भी आप ने सामान्य ज्ञान से काम लिया है तो आप को कोई तंग नहीं करे गा। माफी मांग लेना भी उचित होगा - लेकिन इसी डर से अगर आप ने कोई रिपोर्ट करने वाली बात भी छुपा दी तो नतीजे भयानक हो सकते हैं। फिर आप की आत्मा आप को कभी माफ नहीं करे गी।

यह बहुत छोटे छोटे मामूली दिखने वाले काम हैं लेकिन इन का असर बहुत है। फेस बुक पर अफवाहें फैलाना, घिसे पिटे चुटकलों या फोटोशाप में बैठ कर फोटो बनाना और पोस्ट करना, डींगे मारने वाली पोस्ट करना या केवल दूसरों के साथ “सहमति” जताते रहने से बेहतर है खुद कुछ करना शुरु कीजिये।

अधिक नहीं तो इसी पोस्ट को फैलाईये ताकि हम भारतीयों में स्कारात्मिक चेतना आये।

गुरुवार, 22 सितंबर 2016

ध्यान देने योग्य.....

आपने कभी ध्यान दिया ?
आजकल बाज़ार में हर तीसरी दूकान आजकल मोबाइल फोन की है ।
sale ,service ,recharge , accessories , repair , maintenance की ।
आज से 5 या 10 साल पहले ऐसी कोई दूकान नहीं होती थी ।
पहले जगह जगह PCO हुआ करते थे । फिर जब सबकी जेब में मोबाइल फोन आ गया तो PCO बंद होने लगे । फिर उन सब PCO वालों ने फोन का recharge बेचना शुरू कर दिया । अब तो लोगों ने रिचार्ज भी दूकान से कराना शुरू कर दिया ।
अब सब Paytm से हो जाता है । अब तो लोग रेल का टिकट भी अपने फोन से ही बुक कराने लगे हैं । अब पैसे का लेनदेन भी बदल रहा है । currency note की जगह पहले plastic money ने ली और अब digital हो गया है लेनदेन ।
दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है । आँख कान नाक खुले रखिये वरना आप पीछे छूट जायेंगे ।
1998 में Kodak में 1,70,000 कर्मचारी काम करते थे और वो दुनिया का 85% Foto Paper बेचते थे । चंद सालों में ही Digital Fotography ने उनको बाज़ार से बाहर कर दिया । Kodak दीवालिया हो गयी और उनके सब कर्मचारी सड़क पे आ गए ।
आपको अंदाजा है कि आने वाले 10 सालों में दुनिया पूरी तरह बदल जायेगी और आज चलने वाली 70 से 90% उद्योग बंद हो जायेंगे ।
चौथी औद्योगिक क्रान्ति में आपका स्वागत है ।
Exponential Age में आपका स्वागत है ।
software अगले 10 सालों में दुनिया को बदल देगा ।
क्या आप इस बदलाव के लिए तैयार हैं ?
Uber सिर्फ एक software है । उनकी अपनी खुद की एक भी car नहीं इसके बावजूद वो दुनिया की सबसे बड़ी Taxi company है ।
Airbnb दुनिया की सबसे बड़ी Hotel company है जबकि उनके पास अपना खुद का एक भी होटल नहीं है ।
US में अब युवा वकीलों के लिए कोई काम नहीं बचा है क्योंकि IBM Watson नामक software पल भर में ज़्यादा बेहतर legal advice दे देता है ।
अगले 10 साल में US के 90 % वकील बेरोजगार हो जायेंगे । जो 10% बचेंगे वो Super Specialists होंगे ।
Watson नामक software मनुष्य की तुलना में cancer का diagnosis 4 गुना ज़्यादा accuracy से करता है ।
2030 तक computer मनुष्य से ज़्यादा intelligent हो जाएगा ।
2018 तक driverless cars सड़कों पे उतरने लगेंगी ।
2020 तक ये एक अकेला आविष्कार पूरी दुनिया को बदलने की शुरुआत कर देगा ।
अगले 10 सालों में दुनिया भर की सड़कों से 90% cars गायब हो जायेंगी । जो बचेंगी वो या तो Electric cars होंगी या फिर Hybrid ।
सडकें खाली होंगी । petrol की खपत 90% घट जायेगी । सारे अरब देश दीवालिया हो जायेंगे ।
आप Uber जैसे एक software से car मंगाएंगे और कुछ ही क्षणों में एक driverless कार आपके दरवाज़े पे खड़ी होगी । उसे यदि आप किसी के साथ शेयर कर लेंगे तो वो ride आपकी bike से भी सस्ती पड़ेगी ।
cars के driverless होने के कारण 99 % accidents होने बंद हो जायेंगे । इस से car insurance नामक धंदा बंद हो जाएगा ।
ड्राईवर जैसा कोई रोज़गार धरती पे नहीं बचेगा ।
जब शहरों और सड़कों से 90% cars गायब हो जायेंगी तो traffic और parking जैसी समस्याएं स्वतः समाप्त हो जायेंगी । क्योंकि एक कार आज की 20 cars के बराबर काम करेगी ।
जानकारी net पे उपलब्ध विभिन्न लेखों से जुटाई गयी है ।

मंगलवार, 20 सितंबर 2016

भावपूर्ण श्रध्दांजली.......

कायरता का तेल चढ़ा है,
लाचारी की बाती पर,
दुश्मन नंगा नाच रहे है,
भारत माँ की छाती पर,
दिल्ली वाले इन हमलों पर
दो आंसू रो देते हैं,
कुत्ते चार मारने में,
हम सत्रह शेर खो देते हैं!!

आज उरी(जम्मू) में भारतीय
सैनिकों पर हुए आतंकवादी
हमले में देश का रक्षण कर रहे
शहीद 17 जवानों को
भावपूर्ण श्रध्दांजली.......

😓🇮🇳😖🇮🇳😔🇮🇳

रविवार, 18 सितंबर 2016

जय हिन्द की सेना ....

हम 17 जवानों की वीरगति से व्यथित होकर बदला लेने जैसी बात करते समय यह ना भूलें कि किसी भी 'जवान' का दूर बैठा परिवार कभी नहीं चाहता कि युद्ध की स्थिति आये , और सम्भव है कि युद्ध में और भी अधिक अप्रिय समाचार सुनने को मिलें ,
इसीलिए ही भावुकता में सरकारें निर्णय नहीं लेती , युद्ध सदैव 'अंतिम विकल्प' होता है ,
तनावपूर्ण स्थिति में भी विवेक से काम लेना 'सुरक्षा बलों' का ही कार्य है आतंकियों का क्या वो तो जिहादी हैं कुत्ते की मौत मरना ही उनकी किस्मत एवं फितरत है , भारतीय जवान हमारी आन बान और शान हैं ....!!
बुद्धिजीविता पर भावुकता को सवार न होने दीजिये .....
जय हिन्द , जय हिन्द की सेना ....

शनिवार, 10 सितंबर 2016

मेरे उत्तर प्रदेश के निवासियों......


 मेरे उत्तर प्रदेश के निवासियों 
! अस्सलाम वालेकुम !
इस बार मेरा पुत्र अखिलेश यादव आपको चुनाव जीतने पर एक नया स्मार्ट
फोन बिलकुल मुफ़्त में देगा बस आपसे एक विनती है की -
स्मार्ट फोन ले लो और....
भूल जाओ बात बात पर होती साम्प्रदायिक हिंसा....
भूल जाओ सम्प्रदाय विशेष की खुली तरफदारी.....
भूल जाओ दिन दहाड़े पड़ती डकैतियां....
भूल जाओ दिन दहाड़े लुटती बहनो की इज्जत....
भूल जाओ ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था.....
भूल जाओ अपने मासूम अखिलेश भैया की सारी नाकामियां.....

बस फ्री का स्मार्ट फोन ले लो और एक बार फिर इस उत्तर प्रदेश को संप्रदाय 
विशेष का प्रदेश बनाने की हमारी कोशिश को मजबूती दें.....

!! समाजवादी पार्टी को वोट दें !!

!! इंशाल्लाह सरकार हमारी ही बनेगी !!
निवेदक-:
समस्त मुलायम सिंह यादव परिवार !

बुधवार, 20 जुलाई 2016

खो गया हूँ.....

खुद का पता नहीं हैं खुद में जो खो गया हूँ.....
तेरी बेरुखी से परेसां जागे जागे सो गया हूँ.....

एक पैर कब्र पर है एक तन्हाईयाँ है पकडे.....
या जी लूं इन्ही के संग मैं या समझूँ की मर गया हूँ....

सोचा था सारे लम्हे बीतेंगे तेरे संग ही.....
बस इक पहर ही गया था कोरा कागज जो हो गया हूँ....

क्यों याद आ रहे हैं 'वो लम्हे' जो थे साथ बीते.....
जो टूट कर था चाहा देख, अब तक मैं रिस रहा हूँ.....

जो बेतरतीबी थी मेरे दिल में, तेरे लिए अये जानम..
वो बेचैनी बन चुकी है और मैं घुट घुट के जी रहा हूँ.....

खो गया हूँ मैं.....

लगता है खो गया हूँ
भीड़ में भी तन्हा हो गया हूँ
अपने ही लगते थे जो
पराया उनके लिए हो गया हूँ

लगता हैं कहि खो गया हूँ

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