शुक्रवार, 13 मार्च 2020
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शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2020
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शनिवार, 22 फ़रवरी 2020
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शुक्रवार, 31 जनवरी 2020
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शुक्रवार, 24 जनवरी 2020
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गुरुवार, 23 जनवरी 2020
हम कुछ नही कहते
रविवार, 15 सितंबर 2019
छुट्टी विश्वकर्मा / जयंती
छुट्टी
हां छुट्टी तो होनी चाहिए पर कब?
विश्वकर्मापूजा को या विश्वकर्माजयंती(प्रकट दिन) को ?
कुछ लोगों का मानना है विश्वकर्मा पूजा (17 September) को छुट्टी होनी चाहिए पर कुछ लोगों का मानना है विश्वकर्मा जयंती (प्रकट दिन) (माघ शुक्ल पक्ष, त्रयोदसी) के दिन छुट्टी होनी चाहिए। जबकि हर दूसरे साल विश्वकर्मा पूजा के समय #पितृपक्ष होता है। छुट्टी की मांग विश्वकर्मा जयंती का करना चाहिए। शास्त्रानुसार जयंती उपयुक्त रहेगा, और विधि विधान से पूजन भी हो सकता है।
(बहुत दिन से देख रहा हूँ छूट्टी की मांग हो रही है, पर तर्क के साथ कोई भी मांग नहीं कर रहा है छुट्टी की मांग करना है तो हिन्दू धर्मानुसार मांग होनी चाहिए... तिथि अनुसार होना चाहिए... मुंडन करना है तो तिथि, शादी करनी है तो तिथि, हमारे तीज तेव्हार तिथि अनुसार )
सनातन धर्मानुसार विश्वकर्मा जयंती (प्रकट दिन) की छुट्टी होनी चाहिए।
रविवार, 14 जुलाई 2019
अंत मे हम दोनों ही होंगे...
भले ही झगड़े, गुस्सा करे,
एक दूसरे पर टूट पड़े
एक दूसरे पर दादागिरि करने के
लिये, अन्त में हम दोनों ही होंगे
जो कहना हे, वह कह ले,
जो करना हे, वह कर ले
एक दुसरे के चश्मे और
लकड़ी ढूँढने में,
अन्त में हम दोनों ही होंगे
मैं रूठूं तो तुम मना लेना,
तुम रूठो ताे मै मना लूँगा
एक दुसरे को लाड़ लड़ाने के लिये,
अन्त में हम दोनों ही होंगे
आँखे जब धुँधली होंगी,
याददाश्त जब कमजोर होंगी
तब एक दूसरे को एक दूसरे
मे ढूँढने के लिए,
अन्त में हम दोनों ही होंगे
घुटने जब दुखने लगेंगे,
कमर भी झुकना बंद करेगी
तब एक दूसरे के पांव के नाखून काटने के लिए,
अन्त में हम दोनों ही होंगे
“मेरी हेल्थ रिपोर्ट एक दम नॉर्मल
है, आइ एम आलराईट
ऐसा कह कर ऐक दूसरे को
बहकाने के लिए,
अन्त में हम दोनों ही होंगे
साथ जब छूट जायेगा,
बिदाई की घड़ी जब आ जायेगी
तब एक दूसरे को माफ करने के लिए,
अन्त में हम दोनों ही होंगे…
सोमवार, 29 अप्रैल 2019
दिशाशूल विचार यात्रा...
दिशाशूल विचार यात्रा करने से पहले जरूर जान लें – दिशाशूल के ऊपर एक पुरानी कहावत है।
सोम शनीचर पूरब न चालू। मंगल बुध उत्तर दिश कालू।
रवि शुक्र जो पश्चिम जाय। हानि होय पथ सुख नहीं पाए।
बीफे दक्खिन करे पयाना। फिर नहिं समझो ताको आना।
- सोमवार और शनिवार को पूर्व दिशा की ओर यात्रा नहीं करनी चाहिए।
- मंगलवार और बुधवार को उत्तर दिशा की ओर यात्रा नहीं करनी चाहिए।
- रविवार और शुक्रवार को पश्चिम दिशा दिशा की ओर यात्रा नहीं करनी चाहिए।
- वीरवार या बृहस्पति को दक्षिण दिशा की और यात्रा करना बहुत ही खतरनाक होता है।
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